ब्रेकिंग न्यूज़
टिकरी बॉर्डर के पास विकास का दावा बेदम, लेखराम पार्क की सड़कें बनीं नागरिकों की दुश्वारी का पर्याय | वंदेमातरम् के स्वरों से गूंजा महानगर विस्तार, तिरंगे की आन-बान-शान में डूबा लखनऊ | 26 वर्ष से अधिक कारावास के बाद भी दारा सिंह की रिहाई अधर में, 19 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट में निर्णायक सुनवाई | राहुल गांधी के बयान पर राजनाथ सिंह का सबसे तीखा वार—‘ऐसा आचरण स्वस्थ लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरे का संकेत’ | प्लास्टिक उद्योग के निवेश से लखनऊ को नई औद्योगिक पहचान की उम्मीद | जीरो टॉलरेंस के दावे के बीच लोक सेवा आयोग पर उठे सवाल, सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता रीना एन सिंह ने मांगा न्यायिक जवाब | प्लास्टीविजन 2027 की दस्तक: उत्तर प्रदेश में प्लास्टिक उद्योग के लिए निवेश और नवाचार का नया द्वार | जिस उत्तर प्रदेश पर कभी तंज कसा जाता था, वही आज विकास की नई पटकथा लिख रहा : ब्रजेश पाठक | टिकरी बॉर्डर के पास विकास का दावा बेदम, लेखराम पार्क की सड़कें बनीं नागरिकों की दुश्वारी का पर्याय | वंदेमातरम् के स्वरों से गूंजा महानगर विस्तार, तिरंगे की आन-बान-शान में डूबा लखनऊ | 26 वर्ष से अधिक कारावास के बाद भी दारा सिंह की रिहाई अधर में, 19 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट में निर्णायक सुनवाई | राहुल गांधी के बयान पर राजनाथ सिंह का सबसे तीखा वार—‘ऐसा आचरण स्वस्थ लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरे का संकेत’ | प्लास्टिक उद्योग के निवेश से लखनऊ को नई औद्योगिक पहचान की उम्मीद | जीरो टॉलरेंस के दावे के बीच लोक सेवा आयोग पर उठे सवाल, सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता रीना एन सिंह ने मांगा न्यायिक जवाब | प्लास्टीविजन 2027 की दस्तक: उत्तर प्रदेश में प्लास्टिक उद्योग के लिए निवेश और नवाचार का नया द्वार | जिस उत्तर प्रदेश पर कभी तंज कसा जाता था, वही आज विकास की नई पटकथा लिख रहा : ब्रजेश पाठक |
हाइलाइट न्यूज़
कौडि़यों के दाम पर चीनी मिलें बेचने वाली बसपा कब से हो गई किसानों की हितैषी: सिद्धार्थनाथ सिंह पर्वों को लेकर मधुबन थाना में हुई शांति समिति की बैठक कोरोना टीके लगवाने से मौत के लिए सरकार जिम्मेदार नहीं:केंद्र सरकार श्रीरामलला की वर्तमान मूर्ति भी मूल मंदिर के मूल गर्भ गृह में होगी स्थापित   CAAP’s Malihabad Chapter Achieves Major Milestone in Expanding Access to Government Welfare Schemes Across Four Villages क्या यूजीसी पर जो नए नियम बनाए गए हैं, भारत में दंगल खड़ा करेगा? संस्कृतभारती के अखिल भारतीय संपर्क प्रमुख श्रीशदेव पुजारी की शिष्टाचार भेंट उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा निदेशक महेन्द्र देव से संपन्न हुई Visit as DAINIK INDIA NEWS 24 × 7 PRIVATE LIMITED ( AN ISO 9001:2008 CERTIFIED COMPANY कौडि़यों के दाम पर चीनी मिलें बेचने वाली बसपा कब से हो गई किसानों की हितैषी: सिद्धार्थनाथ सिंह पर्वों को लेकर मधुबन थाना में हुई शांति समिति की बैठक कोरोना टीके लगवाने से मौत के लिए सरकार जिम्मेदार नहीं:केंद्र सरकार श्रीरामलला की वर्तमान मूर्ति भी मूल मंदिर के मूल गर्भ गृह में होगी स्थापित   CAAP’s Malihabad Chapter Achieves Major Milestone in Expanding Access to Government Welfare Schemes Across Four Villages क्या यूजीसी पर जो नए नियम बनाए गए हैं, भारत में दंगल खड़ा करेगा? संस्कृतभारती के अखिल भारतीय संपर्क प्रमुख श्रीशदेव पुजारी की शिष्टाचार भेंट उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा निदेशक महेन्द्र देव से संपन्न हुई Visit as DAINIK INDIA NEWS 24 × 7 PRIVATE LIMITED ( AN ISO 9001:2008 CERTIFIED COMPANY
उत्तर प्रदेश सरकार English

विभाजन विभीषिका पीड़ितों को नमन करेगा उत्तर प्रदेश:सीएम

D

Dainik India News

38 views
विभाजन विभीषिका पीड़ितों को नमन करेगा उत्तर प्रदेश:सीएम

सार

आजादी के अमृत महोत्सव' संबंधी कार्यक्रमों के आयोजन के साथ ही पिछले वर्ष की तरह इस बार भी प्रदेश में 14 अगस्त को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस का होगा आयोजन

विभाजन की विभीषिका के दौरान विस्थापित परिवारों को आमंत्रित कर त्रासदी में प्राण गंवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि देगी योगी सरकार

सीएम की मंशा के अनुरूप सभी 75 जिलों में होगा आयोजन, बंटवारे की विभीषिका को दर्शाती डॉक्यूमेंट्री फिल्म्स दिखाने व प्रदर्शनी आयोजित किए जाने की कार्ययोजना तैयार

बिस्तार

दैनिक इंडिया न्यूज़ लखनऊ। एक ओर, देश में आजादी का अमृत महोत्सव धूमधाम से मनाया जा रहा है, वहीं एक दुखद सच्चाई यह भी है कि भारत-पाकिस्तान के बंटवारे के कारण उस वक्त लाखों लोगों ने विभाजन की विभीषिका झेली थी। कितने ही लोग मारे गए थे और जो बचे वह इन भयावह दृष्यों से शायद जीवन भर न उबर पाए। आज भले ही वक्त के साथ इससे जुड़े घाव भर गए हों, मगर निशान तो अब भी कायम हैं। यही कारण है कि पिछले वर्ष उत्तर प्रदेश में विभाजन की विभीषिका को याद करने और इसी पीड़ादायी त्रासदी के बारे में युवा पीढ़ी को जागरूक करने के लिए 'विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस' का आयोजन किया गया था। ऐसे में, इस वर्ष भी पिछले वर्ष की भांति ही 14 अगस्त को प्रदेश में विभाजन के दौरान प्राण गंवाने वाले लोगों को याद रखा जाएगा और वृहद स्तर पर पूरे प्रदेश में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। सीएम की मंशा के अनुरूप, प्रदेश के सभी 75 जिलों में विभाजन के दौरान विस्थापित परिवारों को आमंत्रित कर त्रासदी में प्राण गंवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि दी जाएगी। इसके अतिरिक्त, सभी जिलों में प्रदर्शनी के आयोजन, विभाजन संबंधी डॉक्यूमेंट्रीज दिखाए जाने व अन्य कार्यक्रमों के आयोजन की विस्तृत रूपरेखा तैयार कर ली गई है। इस विषय में मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र द्वारा सभी सचिवों, मंडलायुक्त व जिलाधिकारियों को निर्देश भी जारी कर दिए गए हैं।

सामाजिक सद्भाव का जरिया बनेगा आयोजन

1947 में देश ने लाखों लोगों के बलिदान के फलस्वरूप स्वाधीनता प्राप्त की थी, मगर इसी दौरान देश को दो टुकड़ों में बांटे जाने का जख्म भी झेलना पड़ा। भारत से कटकर पाकिस्तान नया देश बना और बाद में पाकिस्तान के इसी पूर्वी हिस्से ने 1971 में बांग्लादेश के तौर पर एक नए देश की शक्ल ली। भारत के इस भौगोलिक बंटवारे ने देश के लोगों को सामाजिक, सांस्कृतिक, आर्थिक व मानसिक रूप से तोड़कर रख दिया था। ऐसे में, इस त्रासदी में प्राण गंवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि देकर विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के आयोजन के जरिए भेदभाव, वैमनस्य व दुर्भावना को खत्म कर एकता, सामाजिक सद्भाव व मानव सशक्तिकरण की भावना को बढ़ाने में मदद मिलेगी। इसी बात को ध्यान में रखकर सीएम योगी की मंशा के अनुरूप आयोजन को लेकर विस्तृत कार्ययोजना तैयार की गई है।

सभी जिलों में आयोजित होंगे कार्यक्रम

लखनऊ समेत प्रदेश के सभी 75 जिलों में 14 अगस्त को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस संबंधी आयोजनों की विस्तृत रूपरेखा तय कर दी गई है। मुख्य तौर पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा जिसमें विभाजन की त्रासदी झेलने वाले परिवारों को भी आमंत्रित किए जाने की योजना है। त्रासदी में प्राण गंवाने वाले लोगों के लिए 2 मिनट का मौन रखा जाएगा। इसके अतिरिक्त विभाजन से संबंधित डॉक्यूमेंट्री फिल्म्स को भी दिखाया जाएगा। मुख्य तौर पर स्कूलों, कॉलेजों और यूनिवर्सिटीज में डॉक्यूमेंट्री फिल्मों को दिखाया जाएगा। सभी जिलों के बड़े सभागारों में विभाजन से जुड़ी स्मृतियों व अभिलेखों को प्रदर्शनी के आयोजन के जरिए दिखाया जाएगा। इसके अतिरिक्त भारत-पाकिस्तान के बंटवारे से संबंधित किताबों को पुस्तक प्रदर्शनी के माध्यम से आम लोगों के लिए सुलभ बनाया जाएगा। साथ ही, विभाजन के दर्द को साझा करने के लिए प्रदेश में स्क्रीय सिंधी काउंसिल ऑफ इंडिया, उत्तर प्रदेश सिंधी सभा, उत्तर प्रदेश सिंधी अकादमी व सनातनी पंजाबी महासभा जैसे विभिन्न गैर सरकारी संगठनों का भी सहयोग लिया जाएगा।

फोटो गैलरी

टिप्पणियाँ

अभी कोई टिप्पणी नहीं। पहले टिप्पणी करें!