ब्रेकिंग न्यूज़
राम मंदिर चढ़ावा कांड में नया मोड़! सुप्रीम कोर्ट का आदेश, अब अदालत में होगा हिसाब | अजमेर दरगाह विवाद में भूचाल! डॉ. ए.पी. सिंह ने खोला मोर्चा | आखिर कौन है प्रदेश की राजनीति की ‘नई दुल्हन’? | पत्रकार भवन की मांग से गूंजा मंच, एके शर्मा के ‘नई दुल्हन’ वाले बयान ने बटोरी सुर्खियां | 2027 से बदल सकती है दुनिया की आर्थिक और सामरिक तस्वीर, युद्ध से लेकर महंगाई तक कई मोर्चों पर बढ़ेंगी चुनौतियां | मतदाता सूची से 1.27 करोड़ हिंदुओं के नाम गायब होने का योगी का दावा, निर्वाचन व्यवस्था पर उठाए सवाल | काशी से दिल्ली की दूरी सिमटेगी, साढ़े तीन घंटे में पहुंचेगी बुलेट ट्रेन! | काशी से दिल्ली का सफर अब 8 से 9 घंटे में, बुलेट ट्रेन से साढ़े तीन घंटे की दूरी का लक्ष्य | राम मंदिर चढ़ावा कांड में नया मोड़! सुप्रीम कोर्ट का आदेश, अब अदालत में होगा हिसाब | अजमेर दरगाह विवाद में भूचाल! डॉ. ए.पी. सिंह ने खोला मोर्चा | आखिर कौन है प्रदेश की राजनीति की ‘नई दुल्हन’? | पत्रकार भवन की मांग से गूंजा मंच, एके शर्मा के ‘नई दुल्हन’ वाले बयान ने बटोरी सुर्खियां | 2027 से बदल सकती है दुनिया की आर्थिक और सामरिक तस्वीर, युद्ध से लेकर महंगाई तक कई मोर्चों पर बढ़ेंगी चुनौतियां | मतदाता सूची से 1.27 करोड़ हिंदुओं के नाम गायब होने का योगी का दावा, निर्वाचन व्यवस्था पर उठाए सवाल | काशी से दिल्ली की दूरी सिमटेगी, साढ़े तीन घंटे में पहुंचेगी बुलेट ट्रेन! | काशी से दिल्ली का सफर अब 8 से 9 घंटे में, बुलेट ट्रेन से साढ़े तीन घंटे की दूरी का लक्ष्य |
हाइलाइट न्यूज़
योगी सरकार की मजबूत पैरवी से दुष्कर्म व हत्यारोपियों को मुत्यृदंड • "अंतिम विदाई के आंसू: जब बलिया में फूट-फूटकर रोए थे चंद्रशेखर जी" • महाशिवरात्रि : अद्वैत-तत्त्व की परम महानिशा — अभयानंद सरस्वती • 100 प्रतिशत टीकाकरण के करीब पहुँची सीएचसी फतहपुर मंडाव की स्वास्थ्य टीम, बैठक की बनाई रणनीति • रिश्वतखोर लेखपाल करवा रहे मरघट में अवैध कब्जा और फसल • 100 मंचों पर सांस्कृतिक शोभायात्रा के सारथी बन रहे 2500 लोक कलाकार • पानी की एक भी बूंद व्यर्थ नहीं जानी चाहिए’ — मुख्यमंत्री • गोमती नगर विस्तार में जबरन धर्मांतरण का खुलासा: पुलिस की भूमिका पर उठे गंभीर सवाल • योगी सरकार की मजबूत पैरवी से दुष्कर्म व हत्यारोपियों को मुत्यृदंड • "अंतिम विदाई के आंसू: जब बलिया में फूट-फूटकर रोए थे चंद्रशेखर जी" • महाशिवरात्रि : अद्वैत-तत्त्व की परम महानिशा — अभयानंद सरस्वती • 100 प्रतिशत टीकाकरण के करीब पहुँची सीएचसी फतहपुर मंडाव की स्वास्थ्य टीम, बैठक की बनाई रणनीति • रिश्वतखोर लेखपाल करवा रहे मरघट में अवैध कब्जा और फसल • 100 मंचों पर सांस्कृतिक शोभायात्रा के सारथी बन रहे 2500 लोक कलाकार • पानी की एक भी बूंद व्यर्थ नहीं जानी चाहिए’ — मुख्यमंत्री • गोमती नगर विस्तार में जबरन धर्मांतरण का खुलासा: पुलिस की भूमिका पर उठे गंभीर सवाल •
स्वास्थ्य English

सहारा हॉस्पिटल में नयी तकनीक बायोरिसोर्सबल प्लेट के इस्तेमाल से बच्चे को मिला सफल इलाज

D

Dainik India News

• 7980 views
सहारा हॉस्पिटल में नयी तकनीक बायोरिसोर्सबल प्लेट के इस्तेमाल से बच्चे को मिला सफल इलाज

उदय राज दैनिक इंडिया न्यूज

डॉक्टर तुलसी ने पहली बार किया इस तकनीक का इस्तेमाल

लखनऊ।बनारस के रहने वाले 9 वर्षीय बच्चा शौर्य सिंह दो वर्ष पूर्व स्कूटी से एक खंभे से टकरा गए जिससे उनके जबड़े में चोट लग गयी। थोड़ी सी सूजन भी आ गयी थी पर वहीं पास के स्थानीय डॉक्टर ने देखने के बाद कुछ दवाइयां दे दी। जब मरीज के माता, पिता ने सुबह उठकर देखा कि उसका निचला जबड़ा बिल्कुल ढीला पड़ चुका था तो बहुत परेशान हो गए और तुरंत सहारा हॉस्पिटल लाने का निश्चय किया।

बालक के पिता ने तुरंत ही रविवार के दिन ही सहारा हॉस्पिटल के डेन्टल एवं मैक्सिलोफेशियल सर्जन डॉक्टर तुलसी को फोन लगा करके उनको अपने बेटे का हाल बताया जिसमें उन्होंने तुरंत ही लाने को कहा। बालक के पिता ने देर ना करते हुए डॉक्टर तुलसी के पास शाम को ही पहुंच कर दिखाया। डॉक्टर तुलसी ने बच्चे को पी.आई.सी.यू. में भर्ती कर लिया और लगभग 36 घंटे तक उसको भर्ती करके उसकी सूजन को कम करने की कोशिश की।

बच्चे का सी.टी स्कैन 3डी और ब्रेन का सीटी भी करवाया गया। डॉक्टर तुलसी ने बच्चे के पिता को बताया कि बच्चे को मैन्डिबल फ्रैक्चर है और साथ ही यह भी बताया कि यदि किसी एडल्ट में यही फ्रैक्चर होता है तो हड्डी को जोड़ने के लिए टाइटेनियम प्लेट लगाते हैं परंतु बच्चे के फ्रैक्चर में इस तरह की प्लेट को इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है क्योंकि समय के साथ बच्चे की ग्रोथ होने पर दोबारा ऑपरेशन करना पड़ सकता है, क्योंकि बच्चे की उम्र कम है और उसकी ग्रोथ अभी नहीं हुई थी इसलिए इसके इलाज के लिए एक बायोरिसोर्सबल प्लेट लगाना ठीक रहेगा।

यह प्लेट एक ऐसी नयी तरह की प्लेट होगी जो अपने आप समय के साथ डिजॉल्व हो जाती हैं और जिस प्रकार से बच्चे की स्थिति है उसको देखते हुए सर्जरी ही एकमात्र विकल्प है। तब पिता ने इस प्लेट को लगाने की सहमति देकर इस प्रक्रिया द्वारा उसके बच्चे को इलाज देने के लिए कहा।

डॉक्टर तुलसी ने इस चुनौतीपूर्ण सर्जरी को करने का निश्चय किया और लगभग 4 से 6 घंटे यह प्रोसीजर चला और कुछ दिन भर्ती रहने के बाद बच्चा पूरी तरह से ठीक हो गया। पिता उसका सफल इलाज पाकर के बेहद संतुष्ट हैं।

उल्लेखनीय है कि सहारा हॉस्पिटल में बायोरिसोर्सबल प्लेट का इस्तेमाल पहली बार करके डॉक्टर तुलसी ने बहुत ही परेशान हालत में आए बच्चे की सर्जरी कर उसे सफल इलाज प्रदान किया। यह तकनीकी एक बहुत ही कारगर इलाज है जिसका इस्तेमाल करके कई मरीजों को लाभान्वित किया जा सकता है।

डॉक्टर तुलसी ने बताया कि सहारा हॉस्पिटल के मैनेजमेंट व यहां की व्यवस्था और सुविधाओं और अत्याधुनिक उपकरणों की सहायता से ही यह प्रक्रिया संभव हो पायी।

सहारा इंडिया परिवार के वरिष्ठ सलाहकार अनिल विक्रम सिंहजी ने बताया कि हमारे अभिभावक माननीय "सहाराश्री" जी की सोच है कि सदैव ही सभी को बेहतर और उत्तम इलाज मिले। इसी विजन के साथ सहारा हॉस्पिटल का निर्माण करवाया गया है, जिसमें निरंतर नयी विधाओं व तकनीकों का इस्तेमाल समय-समय पर चिकित्सक करते रहते हैं और मरीजों को निरंतर लाभान्वित करते रहते हैं।

श्री सिंह ने बताया कि सहारा हॉस्पिटल के पास अति अनुभवी चिकित्सकों की टीम है जो दिन रात अपनी सेवाओं को अपने अथक प्रयास और अनुभव से सहारा हॉस्पिटल में प्रदान कर रही हैं। यहां के मल्टी स्पेशलिटी सुविधाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध होने के कारण डॉक्टर्स टीम द्वारा मरीज की जान बचाने की सम्भावनाएं अधिक बढ़ जाती हैं।।।

फोटो गैलरी

टिप्पणियाँ

अभी कोई टिप्पणी नहीं। पहले टिप्पणी करें!