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“स्मार्ट मीटर का ‘सुपरफास्ट’ बिल! एक माह में ₹30,000 का झटका—बुज़ुर्ग उपभोक्ता न्याय को तरसे”

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Dainik India News

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“स्मार्ट मीटर का ‘सुपरफास्ट’ बिल! एक माह में ₹30,000 का झटका—बुज़ुर्ग उपभोक्ता न्याय को तरसे”

दैनिक इंडिया न्यूज़ ,लखनऊ।बिजली उपभोक्ताओं की सुविधा के नाम पर लगाए जा रहे स्मार्ट मीटर अब कई परिवारों के लिए सिरदर्द बनते जा रहे हैं। ताज़ा मामला अलीगंज क्षेत्र के बुज़ुर्ग उपभोक्ता रजनीकांत उपाध्याय (अकाउंट संख्या: 5792100000) का है, जिनके घर अगस्त 2025 में नया स्मार्ट मीटर लगाया गया। परंतु इसके बाद जो बिल भेजा गया, उसने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए।

उपाध्याय के अनुसार, सीलिंग प्रमाण पत्र पर पुराने मीटर की अंतिम रीडिंग “00” दर्शाई गई, और तारीख तक नहीं भरी गई। इसके बावजूद नवंबर 2025 में भेजे गए बिल में ₹40,669 पेबल अमाउंट दिखाया गया है, जिसमें 6 अगस्त 2025 से 30 अगस्त 2025 (एक माह से भी कम समय) का पुराना मीटर का करीब ₹30,000 का बिल शामिल है।

सबसे हैरानी की बात यह है कि जुलाई 2025 में इन्हीं उपभोक्ता का बिल सिर्फ ₹6,249 आया था, और इससे पहले कभी किसी भी महीने का बिल ₹7,000 से ऊपर नहीं गया। फिर अचानक 30 हज़ार का मीटर रीडिंग कैसे बन गया—यह बड़ा सवाल है।

लगातार शिकायतों के बावजूद समाधान नहीं

उपभोक्ता द्वारा 4 नवंबर (शिकायत नंबर: MV04112503836) और 17 नवंबर (शिकायत नंबर: MV17112506896) को 1912 पर शिकायत दर्ज कराने के बावजूद विभाग ने आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। बार-बार शिकायतों के बाद भी जब कोई सुधार नहीं हुआ, तो यह 70 वर्षीय वयोवृद्ध उपभोक्ता 4 नवंबर के लगभग एक हफ्ते बाद स्वयं अलीगंज बिजली उपकेंद्र पहुंचे।

लेकिन वहाँ जो जवाब मिला, वह किसी भी सरकारी विभाग की संवेदनहीनता का जीता-जागता उदाहरण है। उपभोक्ता के अनुसार, उपकेंद्र के एक कर्मी ने बड़ी बेरहमी से कहा—
“बाउजी, हम लोगों के कान सिर्फ सुन सकते हैं… कर कुछ नहीं सकते।”

क्या यह बुज़ुर्ग उपभोक्ता के साथ अन्याय नहीं?

क्या यह मान लिया जाए कि बिजली विभाग का उद्देश्य वयोवृद्ध, पेंशनभोगी उपभोक्ताओं को प्रताड़ित करना है? क्या इतनी बड़ी बिलिंग त्रुटि केवल लापरवाही है या फिर उपभोक्ता को मानसिक रूप से परेशान करने का षड्यंत्र?

उपाध्याय का कहना है कि—
“आज तक इतना अधिक एक महीने का बिल कभी नहीं आया। स्मार्ट मीटर लगाने के नाम पर हमें बेवजह प्रताड़ित किया जा रहा है। हम सिर्फ बिल सुधार और न्याय की मांग कर रहे हैं।”

उपभोक्ताओं का सवाल—स्मार्ट मीटर या स्मार्ट परेशानियाँ?

अलीगंज सहित लखनऊ के कई क्षेत्रों में उपभोक्ता इसी प्रकार की समस्याओं से जूझ रहे हैं, जहाँ स्मार्ट मीटर बदलने के तुरंत बाद अत्यधिक बिल, गलत रीडिंग या पुराने मीटर की गलत गणना की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं।

अब प्रशासन और बिजली विभाग से यही उम्मीद है कि इस वयोवृद्ध उपभोक्ता और अन्य पीड़ितों को शीघ्र न्याय मिले, बिल संशोधित हो और जिम्मेदार कर्मचारियों पर कार्रवाई की जाए।

क्योंकि सवाल सिर्फ एक उपभोक्ता का नहीं—हज़ारों स्मार्ट मीटर पीड़ितों की आवाज़ का है।

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