ब्रेकिंग न्यूज़
संस्कृतभारती के केन्द्रीय कार्यालय ‘प्रणव’ में संस्कृत चेतना का दिव्य उद्भव :राष्ट्रजीवन में वैदिक पुनर्जागरण का अभिनव अध्याय - जितेन्द्र प्रताप सिंह | सीबीएसई परिणाम 2026 में एसआर ग्लोबल स्कूल का शानदार प्रदर्शन, एमएलसी पवन सिंह चौहान ने दी बधाई | **UPPCL का 3000 करोड़ का सिक्योरिटी घोटाला! पुरानी जमा राशि दोबारा बिल से काटने की ,साजिश | तकनीकी शिक्षा से आत्मनिर्भर भारत की ओर बढ़ता देश | “मौत बनकर झुक गया 11 हजार वोल्ट का खंभा: क्या बड़े हादसे के बाद जागेगा बिजली विभाग?” | स्मार्ट मीटरों की जांच पर उठे गंभीर सवाल, साधारण मीटरों की लैब में कराई गई परीक्षण प्रक्रिया पर विवाद | पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय गोमती नगर ने रचा शैक्षणिक उत्कृष्टता का नया इतिहास | भोजशाला प्रकरण में सुनवाई पूर्ण, निर्णय सुरक्षित — क्या इतिहास के सबसे संवेदनशील अध्याय पर आने वाला है निर्णायक न्याय? | संस्कृतभारती के केन्द्रीय कार्यालय ‘प्रणव’ में संस्कृत चेतना का दिव्य उद्भव :राष्ट्रजीवन में वैदिक पुनर्जागरण का अभिनव अध्याय - जितेन्द्र प्रताप सिंह | सीबीएसई परिणाम 2026 में एसआर ग्लोबल स्कूल का शानदार प्रदर्शन, एमएलसी पवन सिंह चौहान ने दी बधाई | **UPPCL का 3000 करोड़ का सिक्योरिटी घोटाला! पुरानी जमा राशि दोबारा बिल से काटने की ,साजिश | तकनीकी शिक्षा से आत्मनिर्भर भारत की ओर बढ़ता देश | “मौत बनकर झुक गया 11 हजार वोल्ट का खंभा: क्या बड़े हादसे के बाद जागेगा बिजली विभाग?” | स्मार्ट मीटरों की जांच पर उठे गंभीर सवाल, साधारण मीटरों की लैब में कराई गई परीक्षण प्रक्रिया पर विवाद | पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय गोमती नगर ने रचा शैक्षणिक उत्कृष्टता का नया इतिहास | भोजशाला प्रकरण में सुनवाई पूर्ण, निर्णय सुरक्षित — क्या इतिहास के सबसे संवेदनशील अध्याय पर आने वाला है निर्णायक न्याय? |
हाइलाइट न्यूज़
राष्ट्रीय एक्यूपंक्चर दिवस पर विशाल चिकित्सा शिविर आयोजित सावधन:दारूबाजों के लिए चेतावनी बोतल खोलने से पहले अच्छी तरह देख ले दुनिया ने देखा जब सिंदूर बारूद बन जाता है:मोदी परिवार, संस्कार और सनातन जीवन मूल्यों पर आत्मीय संवाद, राष्ट्रीय सनातन महासंघ के अध्यक्ष जितेन्द्र प्रताप सिंह ने की पूर्व राज्यपाल कलराज मिश्र से भावपूर्ण भेंट आकांक्षात्मक विकासखंड डेल्टा रैंकिंग में श्रावस्ती का जमुनहा अव्वल एक शातिर अभियुक्त गिरफ्तार, कब्जे से चोरी की एक टेम्पो वाहन बरामद बिजली सब्सिडी पर 'मंडराया संकट', एलजी ने केजरीवाल सरकार के फैसले को बताया असंवैधानिक मुठभेड़ में तीन बदमाश दबोचे, दो को लगी गोली राष्ट्रीय एक्यूपंक्चर दिवस पर विशाल चिकित्सा शिविर आयोजित सावधन:दारूबाजों के लिए चेतावनी बोतल खोलने से पहले अच्छी तरह देख ले दुनिया ने देखा जब सिंदूर बारूद बन जाता है:मोदी परिवार, संस्कार और सनातन जीवन मूल्यों पर आत्मीय संवाद, राष्ट्रीय सनातन महासंघ के अध्यक्ष जितेन्द्र प्रताप सिंह ने की पूर्व राज्यपाल कलराज मिश्र से भावपूर्ण भेंट आकांक्षात्मक विकासखंड डेल्टा रैंकिंग में श्रावस्ती का जमुनहा अव्वल एक शातिर अभियुक्त गिरफ्तार, कब्जे से चोरी की एक टेम्पो वाहन बरामद बिजली सब्सिडी पर 'मंडराया संकट', एलजी ने केजरीवाल सरकार के फैसले को बताया असंवैधानिक मुठभेड़ में तीन बदमाश दबोचे, दो को लगी गोली
राजनीति English

उत्तराखंड में राज्यपाल बदले जाने पर पूर्व सी एम हरीश रावत ने भाजपा सरकार पर दागे सवाल

D

Dainik India News

14 views
उत्तराखंड में राज्यपाल बदले जाने पर पूर्व सी एम हरीश रावत ने भाजपा सरकार पर दागे सवाल

ब्यूरो डीडी इण्डिया

उत्तराखंड में राज्यपाल बदले जाने के मामले में सियासत तेज हो गई है। कांग्रेस ने राज्यपाल पद से बेबी रानी मौर्य की विदाई को भ्रष्टाचार और जातीय सियासत से जोड़कर केंद्र सरकार और भाजपा पर तीखा हमला बोला है।

पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव हरीश रावत ने कहा कि सरकार के भ्रष्टाचार को उजागर करने की कीमत राज्यपाल को चुकानी पड़ी है।

प्रदेश में विधानसभा चुनाव करीब हैं। ऐसे में कांग्रेस केंद्र और प्रदेश की सरकारों के साथ ही सत्तारूढ़ भाजपा को निशाने पर लेने का कोई भी मौका चूक नहीं रही है। कार्यकाल पूरा होने से पहले ही उत्तराखंड में राज्यपाल बदले जाने को लेकर कांग्रेस मुखर है। भाजपा सरकार की भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टालरेंस की नीति पर भी कांग्रेस ने निशाने पर लिया है। शुक्रवार को मीडिया से बातचीत में प्रदेश कांग्रेस चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष हरीश रावत ने राज्यपाल को हटाने के पीछे जातीय सियासत को जिम्मेदार ठहराया ही, साथ में भ्रष्टाचार को लेकर सरकार की नीयत पर सवाल दागे।

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने सरकार के भ्रष्टाचार को उजागर किया है। जिन कानूनों पर उन्हें शंका थी, उन्होंने दस्तखत करने से इन्कार कर दिया। इस वजह से भाजपा ने उन्हें राज्यपाल पद से हटाया। उन्होंने कहा कि राज्यपाल ने मुक्त विश्वविद्यालय समेत कई मामलों में सरकार के भ्रष्टाचार को सामने रखा। मुक्त विश्वविद्यालयों में नियुक्तियों में गड़बड़ी की जांच करने के उनके निर्देशों की वजह से उन्हें निशाना बनाया गया है।

यही नहीं लगे हाथों उन्होंने नए राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह का स्वागत करने में भी देर नहीं की। सैन्य बहुल राज्य में राज्यपाल बनाए गए पूर्व सैन्य अधिकारी की तैनाती का स्वागत कर सैन्य परिवारों को साधने की रणनीति है।

टिप्पणियाँ

अभी कोई टिप्पणी नहीं। पहले टिप्पणी करें!