ब्रेकिंग न्यूज़
राष्ट्रमंगल, रामभक्ति और सेवा-साधना का दिव्य संगम : आठवें बड़े मंगल पर विनोद कुमार अवस्थी ने कराया विराट भंडारा | भाई की जान बचाने के लिए मौत से भिड़ीं दो सगी बहनें, घाघरा की तेज धारा में हुईं लापता; भाई सकुशल बचा | मुहर्रम को लेकर जिला प्रशासन सतर्क, डीएम और एसपी ने घोसी में किया फ्लैग मार्च | अवैध खनन और परिवहन पर प्रशासन का शिकंजा, 10 वाहनों पर कार्रवाई से 4.06 लाख रुपये राजस्व वसूला | भारत रक्षा मंच, इन्दौर द्वारा धार भोजशाला विजय के योद्धाओं का भव्य सम्मान | आठवें बड़े मंगल पर राष्ट्रकल्याण हेतु सुसम्पन्न हुआ विराट भंडारा, श्रद्धा-साधना और राष्ट्रभक्ति का अद्भुत संगम | लखनऊ अग्निकांड के बाद जागा प्रशासन, मऊ में फायर सेफ्टी मानकों की हुई सघन जांच | सारे चौराहे ब्लॉक, फायर ब्रिगेड हेलीकॉप्टर से आएगी? | राष्ट्रमंगल, रामभक्ति और सेवा-साधना का दिव्य संगम : आठवें बड़े मंगल पर विनोद कुमार अवस्थी ने कराया विराट भंडारा | भाई की जान बचाने के लिए मौत से भिड़ीं दो सगी बहनें, घाघरा की तेज धारा में हुईं लापता; भाई सकुशल बचा | मुहर्रम को लेकर जिला प्रशासन सतर्क, डीएम और एसपी ने घोसी में किया फ्लैग मार्च | अवैध खनन और परिवहन पर प्रशासन का शिकंजा, 10 वाहनों पर कार्रवाई से 4.06 लाख रुपये राजस्व वसूला | भारत रक्षा मंच, इन्दौर द्वारा धार भोजशाला विजय के योद्धाओं का भव्य सम्मान | आठवें बड़े मंगल पर राष्ट्रकल्याण हेतु सुसम्पन्न हुआ विराट भंडारा, श्रद्धा-साधना और राष्ट्रभक्ति का अद्भुत संगम | लखनऊ अग्निकांड के बाद जागा प्रशासन, मऊ में फायर सेफ्टी मानकों की हुई सघन जांच | सारे चौराहे ब्लॉक, फायर ब्रिगेड हेलीकॉप्टर से आएगी? |
हाइलाइट न्यूज़
राष्ट्रीय सनातन महासंघ के अध्यक्ष ने रक्षा मंत्री से की मुलाकात, नव वर्ष की शुभकामनाएं दीं सबका साथ - स्वच्छता का संकल्प - राष्ट्रीय पर्व के रूप मे मना - जे पी सिंह Indian Army represents the strength of 140 crore countrymen: Yogi Adityanath देवेंद्र फडणवीस को विधायक दल का नेता चुने जाने पर राष्ट्रीय सनातन महासंघ ने दी बधाई <strong>दीपोत्सव के लिए दोगुना है वॉलंटियर्स का उत्साह, दीयों से बनाया जा रहा राम मंदिर</strong> मकर संक्रांति पर मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को दी शुभकामनाएं, 04 किग्रा 500 ग्राम गांजा के साथ एक अभियुक्ता गिरफ्तार महिलाओं में झाइयों के पीछे छुपे स्वास्थ्य संकेत-जाने क्या है? राष्ट्रीय सनातन महासंघ के अध्यक्ष ने रक्षा मंत्री से की मुलाकात, नव वर्ष की शुभकामनाएं दीं सबका साथ - स्वच्छता का संकल्प - राष्ट्रीय पर्व के रूप मे मना - जे पी सिंह Indian Army represents the strength of 140 crore countrymen: Yogi Adityanath देवेंद्र फडणवीस को विधायक दल का नेता चुने जाने पर राष्ट्रीय सनातन महासंघ ने दी बधाई <strong>दीपोत्सव के लिए दोगुना है वॉलंटियर्स का उत्साह, दीयों से बनाया जा रहा राम मंदिर</strong> मकर संक्रांति पर मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को दी शुभकामनाएं, 04 किग्रा 500 ग्राम गांजा के साथ एक अभियुक्ता गिरफ्तार महिलाओं में झाइयों के पीछे छुपे स्वास्थ्य संकेत-जाने क्या है?
Uncategorized English

जगतगुरु अवधेश प्रपन्नाचार्य ने पिता की पुण्यतिथि पर किया श्राद्ध, पितृपक्ष में श्राद्ध तर्पण पर राष्ट्र को दिया संदेश

D

Dainik India News

32 views
जगतगुरु अवधेश प्रपन्नाचार्य ने पिता की पुण्यतिथि पर किया श्राद्ध, पितृपक्ष में श्राद्ध तर्पण पर राष्ट्र को दिया  संदेश

दैनिक इंडिया न्यूज़ , प्रतापगढ़, 28 सितम्बर: जगतगुरु अवधेश प्रपन्नाचार्य जी महाराज ने अपने पैतृक निवास प्रतापगढ़ में अपने पिता की पुण्यतिथि पर विशेष श्राद्ध कर्म संपन्न किया। इस अवसर पर उन्होंने मीडिया से बातचीत के दौरान पितृपक्ष और श्राद्ध तर्पण की महत्ता पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि पितृपक्ष का समय पूर्वजों के प्रति सम्मान व्यक्त करने और उनकी आत्मा की शांति के लिए तर्पण करने का सर्वोत्तम अवसर होता है।

पितृपक्ष और श्राद्ध तर्पण का धार्मिक महत्व

जगतगुरु अवधेश प्रपन्नाचार्य जी ने बताया कि पितृपक्ष हिंदू धर्म में अत्यंत महत्वपूर्ण समय है, जो भाद्रपद पूर्णिमा से शुरू होकर अमावस्या तक चलता है। इस दौरान हम अपने पितरों की आत्मा की शांति के लिए श्राद्ध और तर्पण करते हैं। उन्होंने कहा कि यह केवल धार्मिक कर्तव्य ही नहीं है, बल्कि पूर्वजों का आशीर्वाद प्राप्त करने का माध्यम भी है, जिससे परिवार में सुख-शांति और समृद्धि बनी रहती है।

श्राद्ध तर्पण की प्रक्रिया पर विस्तृत जानकारी

जगतगुरु जी ने श्राद्ध तर्पण की प्रक्रिया पर प्रकाश डालते हुए बताया कि श्राद्ध कर्म में सबसे पहले पितरों का आवाहन किया जाता है और फिर जल, तिल और कुशा का उपयोग कर तर्पण किया जाता है। यह प्रक्रिया श्रद्धा और निष्ठा के साथ की जाती है, जिससे पितर संतुष्ट होते हैं और आशीर्वाद प्रदान करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि हर व्यक्ति को पितृपक्ष में अपने पितरों का स्मरण कर उनका तर्पण अवश्य करना चाहिए।

परंपराओं को जीवित रखने का आग्रह

जगतगुरु अवधेश प्रपन्नाचार्य जी ने कहा कि आज के समय में कई लोग इन महत्वपूर्ण धार्मिक परंपराओं से विमुख हो रहे हैं, जो चिंताजनक है। उन्होंने सभी से अपील की कि वे इन परंपराओं को जीवित रखें और आने वाली पीढ़ियों को भी श्राद्ध कर्म के महत्व के बारे में जागरूक करें।

अंत में, जगतगुरु ने कहा कि पितृपक्ष के दौरान श्राद्ध और तर्पण का धार्मिक महत्व असीम है। यह केवल एक कर्मकांड नहीं है, बल्कि पूर्वजों के प्रति हमारी सच्ची श्रद्धांजलि और उनके प्रति कृतज्ञता का प्रतीक है।

फोटो गैलरी

टिप्पणियाँ

अभी कोई टिप्पणी नहीं। पहले टिप्पणी करें!