ब्रेकिंग न्यूज़
2027 से बदल सकती है दुनिया की आर्थिक और सामरिक तस्वीर, युद्ध से लेकर महंगाई तक कई मोर्चों पर बढ़ेंगी चुनौतियां | मतदाता सूची से 1.27 करोड़ हिंदुओं के नाम गायब होने का योगी का दावा, निर्वाचन व्यवस्था पर उठाए सवाल | काशी से दिल्ली की दूरी सिमटेगी, साढ़े तीन घंटे में पहुंचेगी बुलेट ट्रेन! | काशी से दिल्ली का सफर अब 8 से 9 घंटे में, बुलेट ट्रेन से साढ़े तीन घंटे की दूरी का लक्ष्य | संस्कृत भारती के राष्ट्रीय सम्मेलन में गूंजी भारतीय ज्ञान परंपरा की गूंज, राज्यपाल कवीन्द्र गुप्ता ने किया उद्घाटन | प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (PET)-2026 जनपद में सकुशल एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न, कुल 3,364 अभ्यर्थी रहे अनुपस्थित | संस्कृतभारती के जितेन्द्र प्रताप सिंह की पंजाब भाजपा प्रदेश मंत्री मीना तरनैच से भेंट, 2027 के चुनावी परिदृश्य और संगठन की मजबूती पर हुआ मंथन | अवध बार एसोसिएशन चुनाव: जी.सी. वर्मा के सिर सजा अध्यक्ष पद का ताज, बाल केश्वर श्रीवास्तव महासचिव निर्वाचित; नई कार्यकारिणी में अनुभवी और युवा अधिवक्ताओं का समावेश | 2027 से बदल सकती है दुनिया की आर्थिक और सामरिक तस्वीर, युद्ध से लेकर महंगाई तक कई मोर्चों पर बढ़ेंगी चुनौतियां | मतदाता सूची से 1.27 करोड़ हिंदुओं के नाम गायब होने का योगी का दावा, निर्वाचन व्यवस्था पर उठाए सवाल | काशी से दिल्ली की दूरी सिमटेगी, साढ़े तीन घंटे में पहुंचेगी बुलेट ट्रेन! | काशी से दिल्ली का सफर अब 8 से 9 घंटे में, बुलेट ट्रेन से साढ़े तीन घंटे की दूरी का लक्ष्य | संस्कृत भारती के राष्ट्रीय सम्मेलन में गूंजी भारतीय ज्ञान परंपरा की गूंज, राज्यपाल कवीन्द्र गुप्ता ने किया उद्घाटन | प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (PET)-2026 जनपद में सकुशल एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न, कुल 3,364 अभ्यर्थी रहे अनुपस्थित | संस्कृतभारती के जितेन्द्र प्रताप सिंह की पंजाब भाजपा प्रदेश मंत्री मीना तरनैच से भेंट, 2027 के चुनावी परिदृश्य और संगठन की मजबूती पर हुआ मंथन | अवध बार एसोसिएशन चुनाव: जी.सी. वर्मा के सिर सजा अध्यक्ष पद का ताज, बाल केश्वर श्रीवास्तव महासचिव निर्वाचित; नई कार्यकारिणी में अनुभवी और युवा अधिवक्ताओं का समावेश |
हाइलाइट न्यूज़
उप मुख्य मंत्री बृजेश पाठक की प्रेरणा स्रोत धर्मपत्नी नम्रता पाठक के जन्मदिवस पर राष्ट्रीय सनातन महासंघ के अध्यक्ष जितेंद्र प्रताप सिंह ने दी हार्दिक शुभकामनाएं • शांति भंग की आशंका में 25 व्यक्ति तथा एक वारंटी अभियुक्त गिरफ्तार • "World Yoga Day 2023: Grand Yoga Camp Organized by Sanskrit Bharati Nyas Avadhprant" • मुख्यमंत्री ने आवास एवं शहरी नियोजन विभाग की समीक्षा बैठक की • वृक्षारोपण कार्य महान एक पेड़ 10 पुत्र समान • संकट की घड़ी में भाजपा को माननीय राजनाथ सिंह ही क्यों याद आते हैं? • गौमय दीपोत्सव: वीर शहीदों को नमन • Rising Air Pollution During Diwali: CSIR-IITR Report Highlights Health Concerns • उप मुख्य मंत्री बृजेश पाठक की प्रेरणा स्रोत धर्मपत्नी नम्रता पाठक के जन्मदिवस पर राष्ट्रीय सनातन महासंघ के अध्यक्ष जितेंद्र प्रताप सिंह ने दी हार्दिक शुभकामनाएं • शांति भंग की आशंका में 25 व्यक्ति तथा एक वारंटी अभियुक्त गिरफ्तार • "World Yoga Day 2023: Grand Yoga Camp Organized by Sanskrit Bharati Nyas Avadhprant" • मुख्यमंत्री ने आवास एवं शहरी नियोजन विभाग की समीक्षा बैठक की • वृक्षारोपण कार्य महान एक पेड़ 10 पुत्र समान • संकट की घड़ी में भाजपा को माननीय राजनाथ सिंह ही क्यों याद आते हैं? • गौमय दीपोत्सव: वीर शहीदों को नमन • Rising Air Pollution During Diwali: CSIR-IITR Report Highlights Health Concerns •
Uncategorized English

शिवजी की बात न मानते हुए देवी सती ने ली श्रीराम की परीक्षा, जानें फिर क्या हुआ?

D

Dainik India News

• 8158 views
शिवजी की बात न मानते हुए देवी सती ने ली श्रीराम की परीक्षा, जानें फिर क्या हुआ?

दैनिक इंडिया न्यूज़ लखनऊ राष्ट्रीय सनातन महासंघ व समस्त सनातनी देव तुल्य जनमानस के आवाहन पर भारत पीठाधीश्वर श्री कृष्ण कुमार तिवारी जी महाराज प्रताप नगर स्थित नर्मदेश्वर महादेव मंदिर प्रांगण में श्री राम कथा का भव्य आयोजन चल रहा है कथा के तृतीय संध्या में भरत पीठाधीश्वर ने श्रीरामचरित मानस के बालकांड में शिव और सती का एक प्रसंग है। शिव और सती, अगस्त ऋषि के आश्रम में रामकथा सुनने गए थे। सती को यह थोड़ा अजीब लगा कि श्रीराम शिव के आराध्य देव हैं। सती का ध्यान कथा में नहीं रहा और पूरा समय सोचने में बिता दिया कि शिव जो तीनों लोकों के स्वामी हैं, वे श्रीराम की कथा सुनने के लिए आए हैं।

कथा समाप्त हुई और शिव-सती लौटने लगे। उस समय रावण ने सीता का हरण किया था और श्रीराम, सीता के वियोग में दु:खी थे, जंगलों में घूम रहे थे। सती को यह देखकर आश्चर्य हुआ कि शिव जिसे अपना आराध्य देव कहते हैं, वह एक स्त्री के वियोग में साधारण इंसान की तरह रो रहा है। सती ने शिवजी के सामने ये बात कही तो शिव ने समझाया कि यह सब श्रीराम की लीला है। भ्रम में मत पड़ो, लेकिन सती नहीं मानी और शिवजी की बात पर विश्वास नहीं किया। सती ने श्रीराम की परीक्षा लेने की बात कही तो शिवजी ने रोका, लेकिन सती पर शिवजी की बात का कोई असर नहीं हुआ। सती सीता का रूप धारण करके श्रीराम के सामने पहुंच गईं।
श्रीराम ने सीता के रूप में सती को पहचान लिया और पूछा कि हे माता, आप अकेली इस घने जंगल में क्या कर रही हैं? शिवजी कहां हैं? जब श्रीराम ने सती को पहचान लिया तो वे डर गईं और चुपचाप शिव के पास लौट आईं। कथा में आगे क्या होता है जानने के लिए महाराज जी के श्री मुख से कथा सुनने के लिए नर्मदेश्वर महादेव मंदिर आयें या दैनिक इंडिया न्यूज़ का शनिवार का विशेषांक देखें।

फोटो गैलरी

टिप्पणियाँ

अभी कोई टिप्पणी नहीं। पहले टिप्पणी करें!