ब्रेकिंग न्यूज़
तीन दिवसीय लखनऊ दौरे पर रहेंगे रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, जनसंवाद से लेकर पर्यावरण संरक्षण तक कई कार्यक्रमों में करेंगे सहभागिता | वोवीनाम राष्ट्रीय तकनीकी प्रशिक्षण शिविर में खिलाड़ियों ने सीखी अंतरराष्ट्रीय युद्धकला की उन्नत तकनीकें | वोवीनाम राष्ट्रीय तकनीकी प्रशिक्षण शिविर का भव्य शुभारंभ | जनता की जेब पर 10% का बोझ, फिर अचानक यू-टर्न! आखिर किस दबाव में झुका बिजली विभाग? | चिलुआताल बनेगा पूर्वांचल का नया ईको-टूरिज्म केंद्र: मुख्यमंत्री योगी ने 20.35 करोड़ की परियोजनाओं का किया लोकार्पण | कुशीनगर विकास की नई उड़ान पर, 424 करोड़ की 278 परियोजनाओं का लोकार्पण-शिलान्यास | 450 करोड़ का कृषि विश्वविद्यालय बदलेगा पूर्वांचल की तस्वीर, निर्माण स्थल पर पहुंचे सीएम योगी | 10% अतिरिक्त विद्युत अधिभार और अंधेरे का जून: क्या ऊर्जा विभाग जनता की जेब काटकर पूंजीपतियों के खजाने भर रहा है? | तीन दिवसीय लखनऊ दौरे पर रहेंगे रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, जनसंवाद से लेकर पर्यावरण संरक्षण तक कई कार्यक्रमों में करेंगे सहभागिता | वोवीनाम राष्ट्रीय तकनीकी प्रशिक्षण शिविर में खिलाड़ियों ने सीखी अंतरराष्ट्रीय युद्धकला की उन्नत तकनीकें | वोवीनाम राष्ट्रीय तकनीकी प्रशिक्षण शिविर का भव्य शुभारंभ | जनता की जेब पर 10% का बोझ, फिर अचानक यू-टर्न! आखिर किस दबाव में झुका बिजली विभाग? | चिलुआताल बनेगा पूर्वांचल का नया ईको-टूरिज्म केंद्र: मुख्यमंत्री योगी ने 20.35 करोड़ की परियोजनाओं का किया लोकार्पण | कुशीनगर विकास की नई उड़ान पर, 424 करोड़ की 278 परियोजनाओं का लोकार्पण-शिलान्यास | 450 करोड़ का कृषि विश्वविद्यालय बदलेगा पूर्वांचल की तस्वीर, निर्माण स्थल पर पहुंचे सीएम योगी | 10% अतिरिक्त विद्युत अधिभार और अंधेरे का जून: क्या ऊर्जा विभाग जनता की जेब काटकर पूंजीपतियों के खजाने भर रहा है? |
हाइलाइट न्यूज़
कॉमनवेल्थ पार्लियामेन्ट्री एसोसिएशन इण्डिया रीजन के 8वें सम्मेलन में शिरकत करेंगे:मा० विधानसभा अध्यक्ष समय से कार्यालय ना पहुंचने पर जिलाधिकारी ने सात अधिकारियों/ कर्मचारियों का एक दिन का वेतन रोकते हुए मांगा स्पष्टीकरण क्या है भक्ति मार्ग- पंडित कृष्ण कुमार तिवारी धर्म परिवर्तन पर योगी का सख्त विधेयक,लव जिहाद किया तो वर्षों पिसनी पड़ेगी चक्की नगर निगम में जल निगम और सफाई निरीक्षक पर बिफरे पार्षद, मेयर को भी सुनाई खरी-खरी <em>दोहरे हत्याकांड पर पारा गांव में छाया मातम: दो दो लाशे देख कांप उठा कलेजा, रो पड़ा पूरा गांव, मोहल्ले में नहीं जले चूल्हे</em> मंडलायुक्त स्तर की समिति करेगी अटल आवासीय विद्यालय के पात्र बच्चों की मैपिंग शिक्षक अभ्यर्थियों पर लाठीचार्ज, BJP सांसद वरुण गांधी ने अपने ही सरकार से पूछा सवाल- ये आपके बच्चे होते तो? कॉमनवेल्थ पार्लियामेन्ट्री एसोसिएशन इण्डिया रीजन के 8वें सम्मेलन में शिरकत करेंगे:मा० विधानसभा अध्यक्ष समय से कार्यालय ना पहुंचने पर जिलाधिकारी ने सात अधिकारियों/ कर्मचारियों का एक दिन का वेतन रोकते हुए मांगा स्पष्टीकरण क्या है भक्ति मार्ग- पंडित कृष्ण कुमार तिवारी धर्म परिवर्तन पर योगी का सख्त विधेयक,लव जिहाद किया तो वर्षों पिसनी पड़ेगी चक्की नगर निगम में जल निगम और सफाई निरीक्षक पर बिफरे पार्षद, मेयर को भी सुनाई खरी-खरी <em>दोहरे हत्याकांड पर पारा गांव में छाया मातम: दो दो लाशे देख कांप उठा कलेजा, रो पड़ा पूरा गांव, मोहल्ले में नहीं जले चूल्हे</em> मंडलायुक्त स्तर की समिति करेगी अटल आवासीय विद्यालय के पात्र बच्चों की मैपिंग शिक्षक अभ्यर्थियों पर लाठीचार्ज, BJP सांसद वरुण गांधी ने अपने ही सरकार से पूछा सवाल- ये आपके बच्चे होते तो?
Uncategorized English

शिवजी की बात न मानते हुए देवी सती ने ली श्रीराम की परीक्षा, जानें फिर क्या हुआ?

D

Dainik India News

18 views
शिवजी की बात न मानते हुए देवी सती ने ली श्रीराम की परीक्षा, जानें फिर क्या हुआ?

दैनिक इंडिया न्यूज़ लखनऊ राष्ट्रीय सनातन महासंघ व समस्त सनातनी देव तुल्य जनमानस के आवाहन पर भारत पीठाधीश्वर श्री कृष्ण कुमार तिवारी जी महाराज प्रताप नगर स्थित नर्मदेश्वर महादेव मंदिर प्रांगण में श्री राम कथा का भव्य आयोजन चल रहा है कथा के तृतीय संध्या में भरत पीठाधीश्वर ने श्रीरामचरित मानस के बालकांड में शिव और सती का एक प्रसंग है। शिव और सती, अगस्त ऋषि के आश्रम में रामकथा सुनने गए थे। सती को यह थोड़ा अजीब लगा कि श्रीराम शिव के आराध्य देव हैं। सती का ध्यान कथा में नहीं रहा और पूरा समय सोचने में बिता दिया कि शिव जो तीनों लोकों के स्वामी हैं, वे श्रीराम की कथा सुनने के लिए आए हैं।

कथा समाप्त हुई और शिव-सती लौटने लगे। उस समय रावण ने सीता का हरण किया था और श्रीराम, सीता के वियोग में दु:खी थे, जंगलों में घूम रहे थे। सती को यह देखकर आश्चर्य हुआ कि शिव जिसे अपना आराध्य देव कहते हैं, वह एक स्त्री के वियोग में साधारण इंसान की तरह रो रहा है। सती ने शिवजी के सामने ये बात कही तो शिव ने समझाया कि यह सब श्रीराम की लीला है। भ्रम में मत पड़ो, लेकिन सती नहीं मानी और शिवजी की बात पर विश्वास नहीं किया। सती ने श्रीराम की परीक्षा लेने की बात कही तो शिवजी ने रोका, लेकिन सती पर शिवजी की बात का कोई असर नहीं हुआ। सती सीता का रूप धारण करके श्रीराम के सामने पहुंच गईं।
श्रीराम ने सीता के रूप में सती को पहचान लिया और पूछा कि हे माता, आप अकेली इस घने जंगल में क्या कर रही हैं? शिवजी कहां हैं? जब श्रीराम ने सती को पहचान लिया तो वे डर गईं और चुपचाप शिव के पास लौट आईं। कथा में आगे क्या होता है जानने के लिए महाराज जी के श्री मुख से कथा सुनने के लिए नर्मदेश्वर महादेव मंदिर आयें या दैनिक इंडिया न्यूज़ का शनिवार का विशेषांक देखें।

फोटो गैलरी

टिप्पणियाँ

अभी कोई टिप्पणी नहीं। पहले टिप्पणी करें!