ब्रेकिंग न्यूज़
Former Senior U.S. Health Official Pleads Guilty in COVID-Related Records Conspiracy; Virus Origins Remain Unresolved | सुप्रीम कोर्ट के निर्देश: दिल्ली में मेट्रो-रेल का सामान्य संचालन और निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करें, बैरिकेडिंग की हो समीक्षा | उदय राज के जन्मदिवस पर प्रधान संपादक हरिंद्र कुमार सिंह ने दी शुभकामनाएं, पत्रकारिता में उत्कृष्टता का दिया संदेश | अखिलेश की ललकार पर योगी का पलटवार! ‘दम है तो अयोध्या से खुद लड़कर दिखाइए:मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ | जब बाढ़ ने रास्ते रोके, तब सेवा के संकल्प ने थामी पीड़ितों की राह; छह दिन से नावों के सहारे राहत पहुँचा रहे संघ और सेवा भारती के स्वयंसेवक | संस्कृत के विस्तार का नया खाका: बसंत जनपद में भाषा-अभियान को मिलेगी संगठनात्मक गति | संस्कृतभाषायाः पुनर्जागरणाय सङ्गठनात्मकगतिः, बसन्तजनपदे प्रचारप्रसारस्य व्यापककार्ययोजना सज्जा | दिल्ली में सुरक्षा का अभूतपूर्व घेरा: विमान से उतरते ही CJP नेताओं की हिरासत, सीमाओं पर पहरा; ठप हुई सामान्य आवाजाही | Former Senior U.S. Health Official Pleads Guilty in COVID-Related Records Conspiracy; Virus Origins Remain Unresolved | सुप्रीम कोर्ट के निर्देश: दिल्ली में मेट्रो-रेल का सामान्य संचालन और निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करें, बैरिकेडिंग की हो समीक्षा | उदय राज के जन्मदिवस पर प्रधान संपादक हरिंद्र कुमार सिंह ने दी शुभकामनाएं, पत्रकारिता में उत्कृष्टता का दिया संदेश | अखिलेश की ललकार पर योगी का पलटवार! ‘दम है तो अयोध्या से खुद लड़कर दिखाइए:मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ | जब बाढ़ ने रास्ते रोके, तब सेवा के संकल्प ने थामी पीड़ितों की राह; छह दिन से नावों के सहारे राहत पहुँचा रहे संघ और सेवा भारती के स्वयंसेवक | संस्कृत के विस्तार का नया खाका: बसंत जनपद में भाषा-अभियान को मिलेगी संगठनात्मक गति | संस्कृतभाषायाः पुनर्जागरणाय सङ्गठनात्मकगतिः, बसन्तजनपदे प्रचारप्रसारस्य व्यापककार्ययोजना सज्जा | दिल्ली में सुरक्षा का अभूतपूर्व घेरा: विमान से उतरते ही CJP नेताओं की हिरासत, सीमाओं पर पहरा; ठप हुई सामान्य आवाजाही |
हाइलाइट न्यूज़
हर अस्पताल के लिए नियुक्त करें नोडल अधिकारी, हर शाम होगा निरीक्षण: मुख्यमंत्री • रोजगार मेले में 39 अभ्यर्थियों का हुआ चयन • हडको की महाकुंभ 2025 में समाज सेवा की सराहनीय पहल • केन्द्र व प्रदेश सरकार महिला सशक्तीकरण के लिए प्रतिबद्ध: मुख्यमंत्री • दिल्ली एनसीआर की तर्ज पर यूपी में बनेगा लखनऊ एससीआर, एलडीए का बढ़ेगा दायरा • NEET स्कैम की जांच में बड़े खुलासे, कई गिरफ्तारियां • पं. दीनदयाल उपाध्याय की 107वीं जयंती पर सीएम योगी ने दी श्रद्धांजलि • संस्कृतभारती के प्रशिक्षण वर्ग का भव्य दीक्षांत समारोह सम्पन्न • हर अस्पताल के लिए नियुक्त करें नोडल अधिकारी, हर शाम होगा निरीक्षण: मुख्यमंत्री • रोजगार मेले में 39 अभ्यर्थियों का हुआ चयन • हडको की महाकुंभ 2025 में समाज सेवा की सराहनीय पहल • केन्द्र व प्रदेश सरकार महिला सशक्तीकरण के लिए प्रतिबद्ध: मुख्यमंत्री • दिल्ली एनसीआर की तर्ज पर यूपी में बनेगा लखनऊ एससीआर, एलडीए का बढ़ेगा दायरा • NEET स्कैम की जांच में बड़े खुलासे, कई गिरफ्तारियां • पं. दीनदयाल उपाध्याय की 107वीं जयंती पर सीएम योगी ने दी श्रद्धांजलि • संस्कृतभारती के प्रशिक्षण वर्ग का भव्य दीक्षांत समारोह सम्पन्न •
Uncategorized English

संस्कृत की शक्ति को समझने और जीवन को बेहतर बनाने का अवसर है विश्व संस्कृत दिवस

D

Dainik India News

• 6224 views
संस्कृत की शक्ति को समझने और जीवन को बेहतर बनाने का अवसर है विश्व संस्कृत दिवस

सूर्यपाल गंगवार ने किया संस्कृत भारती के प्रयासों को सराहा,


संस्कृत भाषा में है ज्ञान और संस्कृति का अद्भुत समावेश-डी एम

विश्व संस्कृत दिवस पर समस्त प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं - जितेंद्र प्रताप सिंह

दैनिक इंडिया न्यूज़, लखनऊ। (World Sanskrit Day 2024) - विश्व संस्कृत दिवस के अवसर पर संस्कृत भारती न्यास, शब्द प्रांत के अध्यक्ष जितेंद्र प्रताप सिंह ने समस्त भारत वासियों को बधाई दी। उन्होंने अपने बधाई संदेश में कहा, "संस्कृत भाषा हमारी धरोहर है, इसे पहचानें और जीवन में अपनाएं । उन्होंने कहा संस्कृत केवल भाषा नहीं है, बल्कि हमारी संस्कृति और ज्ञान का अमूल्य हिस्सा है। संस्कृत की महत्ता को पुनः जागरूक करना और इसे नई पीढ़ी के बीच लोकप्रिय बनाना संस्कृत दिवस का उद्देश्य है। इस अवसर पर लखनऊ के डीएम सूर्यपाल गंगवार ने संस्कृत भाषा की विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए संस्कृत भारती के द्वारा संस्कृत विस्तार हेतु किये जा रहे प्रयासों को सराहा। उन्होंने कहा, "आईआईटी रुड़की से बीटेक करते समय वहां संस्कृत के श्लोकों और सिद्धांतों ने मुझे गहराई से प्रभावित किया। आईआईटी रुड़की के दीवार पर लिखा 'श्रमम् विना न किमपि साध्यम् श्रमः।' जैसे कोट्स हमारे मन-मस्तिष्क में एक नया प्रकाश समाहित कर देते थे। आज भी वॉल पेंटिंग्स और संस्कृत पट्टिकाओं में लिखे गए छोटे-छोटे महत्वपूर्ण सिद्धांत जीवन में बड़ा बदलाव ला सकते हैं। संस्कृत का प्रभाव केवल आध्यात्मिकता तक सीमित नहीं है; यह भाषा जीवन के विभिन्न पहलुओं को सूक्ष्म में ही प्रभावी तरीके से व्यक्त करती है।" उन्होंने आगे कहा, "संस्कृत विश्व की सबसे समृद्ध भाषा है। इस भाषा में ज्ञान और संस्कृति का अद्भुत समावेश है, जो किसी अन्य भाषा में दुर्लभ है। संस्कृत के शब्दों में गहराई होती है, और यह जीवन के महत्वपूर्ण सिद्धांतों को सरलता से समझाती है। उदाहरण के लिए, 'सत्यमेव जयते' (सत्य की ही जीत होती है) और 'नास्ति विद्या समं चक्षुः' (विद्या के समान कोई नेत्र नहीं है) जैसे श्लोक न केवल हमारी संस्कृति के प्रतीक हैं, बल्कि जीवन के मूल सिद्धांत भी सिखाते हैं। इसलिए संस्कृत भाषा केवल पठन-पाठन का माध्यम नहीं है, बल्कि यह जीवन को सही मार्ग पर ले जाने का एक उपकरण है।" इस अवसर पर जितेंद्र प्रताप सिंह ने बताया "*हम राजधानी लखनऊ में कुछ विशेष जगहों पर संस्कृत पट्टिकाओं को लगाने की योजना बना रहे हैं। इस पहल का उद्देश्य संस्कृत भाषा के महत्व को जन-जन तक पहुंचाना है, ताकि लोग इस भाषा की शक्ति और इसके संदेश को समझ सकें।"

उन्होंने कहा इस वर्ष विश्व संस्कृत दिवस का सावन पूर्णिमा रक्षाबंधन पर जाना विशेष संयोग है। जो संस्कृत और हमारी सांस्कृतिक धरोहर के महत्व को अधिक बढ़ा देता है। जहाँ रक्षाबंधन पारिवारिक और सामाजिक संबंधों को मजबूत करने वाला पर्व है। वहीं विश्व संस्कृत दिवस हमारी संस्कृति और परंपराओं की आधारशिला को प्रासंगिक बनाता है।
उन्होंने कहा 19 अगस्त का यह विश्व संस्कृत दिवस का यह अवसर संस्कृत की शक्ति को समझने और जीवन को बेहतर बनाने में सहायक साबित होगा।

फोटो गैलरी

टिप्पणियाँ

अभी कोई टिप्पणी नहीं। पहले टिप्पणी करें!