ब्रेकिंग न्यूज़
"जीवनदाता देवतुल्य हैं चिकित्सक"— राष्ट्रीय चिकित्सा दिवस पर जितेन्द्र प्रताप सिंह ने चिकित्सा-जगत की विभूतियों का किया भव्य सम्मान | ऊर्जा विभाग या जनविश्वास का क्षरण? बार-बार नियामक आयोग के हस्तक्षेप से उठता गंभीर प्रश्न—आख़िर उत्तर प्रदेश की विद्युत व्यवस्था किसके निर्देशों पर संचालित हो रही है? | क्या उत्तर प्रदेश की विद्युत व्यवस्था जनसेवा से प्रबंधन-प्रयोगशाला में परिवर्तित हो रही है! | प्रशासनिक शुचिता पर प्रश्नचिह्न: क्या वास्तव में परिवर्तित कर दिया गया उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग का संवैधानिक स्वरूप | दिल्ली में रक्षामंत्री राजनाथ सिंह से भाजपा लखनऊ महानगर अध्यक्ष आनंद द्विवेदी की शिष्टाचार भेंट | भाजपा नवगठित प्रदेश टीम को हार्दिक शुभकामनाएं - जितेंद्र प्रताप सिंह | पं. दीनदयाल उपाध्याय के आदर्शों पर चलकर विकसित भारत का संकल्प साकार हो रहा : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ | घाघरा नदी हादसा: डूबी दो सगी बहनों में छोटी बहन का शव बरामद, बड़ी बहन की तलाश में चौथे दिन भी जारी एनडीआरएफ का अभियान | "जीवनदाता देवतुल्य हैं चिकित्सक"— राष्ट्रीय चिकित्सा दिवस पर जितेन्द्र प्रताप सिंह ने चिकित्सा-जगत की विभूतियों का किया भव्य सम्मान | ऊर्जा विभाग या जनविश्वास का क्षरण? बार-बार नियामक आयोग के हस्तक्षेप से उठता गंभीर प्रश्न—आख़िर उत्तर प्रदेश की विद्युत व्यवस्था किसके निर्देशों पर संचालित हो रही है? | क्या उत्तर प्रदेश की विद्युत व्यवस्था जनसेवा से प्रबंधन-प्रयोगशाला में परिवर्तित हो रही है! | प्रशासनिक शुचिता पर प्रश्नचिह्न: क्या वास्तव में परिवर्तित कर दिया गया उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग का संवैधानिक स्वरूप | दिल्ली में रक्षामंत्री राजनाथ सिंह से भाजपा लखनऊ महानगर अध्यक्ष आनंद द्विवेदी की शिष्टाचार भेंट | भाजपा नवगठित प्रदेश टीम को हार्दिक शुभकामनाएं - जितेंद्र प्रताप सिंह | पं. दीनदयाल उपाध्याय के आदर्शों पर चलकर विकसित भारत का संकल्प साकार हो रहा : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ | घाघरा नदी हादसा: डूबी दो सगी बहनों में छोटी बहन का शव बरामद, बड़ी बहन की तलाश में चौथे दिन भी जारी एनडीआरएफ का अभियान |
हाइलाइट न्यूज़
नोडल अधिकारी द्वारा किसानों के धान क्रय करने के दिए निर्देश 10% अतिरिक्त विद्युत अधिभार और अंधेरे का जून: क्या ऊर्जा विभाग जनता की जेब काटकर पूंजीपतियों के खजाने भर रहा है? मधुबन क्षेत्राधिकारी कार्यालय का पुलिस अधीक्षक इलामारन ने किया भूमि पूजन व शिलान्यास उ0प्र0 महर्षि सूचना प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय अध्यादेश-2022 को अधिसूचित किये जाने एवं तत्सम्बन्धी प्रतिस्थानी विधेयक को विधान मण्डल के आगामी सत्र में पारित कराये जाने के प्रस्ताव का अनुमोदन CM योगी की प्रेरणा से अर्बन रोड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट एजेंसी द्वारा लखनऊ के सात मार्गों का भूमिपूजन सम्पन्न - जितेन्द्र प्रताप सिंह महाकुंभ 2025: ऐतिहासिक आयोजन ने स्थापित किया आस्था और आर्थिकी का नया प्रतिमान हिन्दी विषय की राज्य स्तरीय शैक्षिक नवाचार कार्यशाला आयोजित संस्कृत भारती न्यास की क्रांति सेना ने शहीद चंद्रशेखर आजाद की पुण्यतिथि मनाई नोडल अधिकारी द्वारा किसानों के धान क्रय करने के दिए निर्देश 10% अतिरिक्त विद्युत अधिभार और अंधेरे का जून: क्या ऊर्जा विभाग जनता की जेब काटकर पूंजीपतियों के खजाने भर रहा है? मधुबन क्षेत्राधिकारी कार्यालय का पुलिस अधीक्षक इलामारन ने किया भूमि पूजन व शिलान्यास उ0प्र0 महर्षि सूचना प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय अध्यादेश-2022 को अधिसूचित किये जाने एवं तत्सम्बन्धी प्रतिस्थानी विधेयक को विधान मण्डल के आगामी सत्र में पारित कराये जाने के प्रस्ताव का अनुमोदन CM योगी की प्रेरणा से अर्बन रोड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट एजेंसी द्वारा लखनऊ के सात मार्गों का भूमिपूजन सम्पन्न - जितेन्द्र प्रताप सिंह महाकुंभ 2025: ऐतिहासिक आयोजन ने स्थापित किया आस्था और आर्थिकी का नया प्रतिमान हिन्दी विषय की राज्य स्तरीय शैक्षिक नवाचार कार्यशाला आयोजित संस्कृत भारती न्यास की क्रांति सेना ने शहीद चंद्रशेखर आजाद की पुण्यतिथि मनाई
Highlights English

संस्कृत चेतना से राष्ट्रबोध तक: लखनऊ में नौ दिवसीय संयुक्त प्रबोधन वर्ग का भव्य शुभारंभ

D

Dainik India News

43 views
संस्कृत चेतना से राष्ट्रबोध तक: लखनऊ में नौ दिवसीय संयुक्त प्रबोधन वर्ग का भव्य शुभारंभ

अखिल भारतीय प्रचारक प्रमुख स्वांतरंजन के उद्बोधन से अभिसिंचित हुआ उद्घाटन सत्र

संस्कृत भाषा को अखण्ड भारत की वैचारिक आधारशिला बताते हुए राष्ट्रनिर्माण पर दिया गया विशेष बल

दैनिक इंडिया न्यूज़, लखनऊ।संस्कृतभारती द्वारा आयोजित अवधप्रांत एवं कर्णपुर प्रांत के नौ दिवसीय संयुक्त प्रबोधन वर्ग का भव्य उद्घाटन 1 जनवरी को जे.सी. गेस्टहाउस, निरालानगर, लखनऊ में अत्यंत गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुआ। इस प्रबोधन वर्ग का शुभारंभ अखिल भारतीय प्रचारक प्रमुख, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, श्री स्वांतरंजन के करकमलों द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में श्री स्वांतरंजन के साथ जितेन्द्र प्रताप सिंह (सम्पर्क प्रमुख, पूर्व क्षेत्र), चन्द्र भूषण त्रिपाठी (अध्यक्ष, अवधप्रांत) तथा धर्मेन्द्र सिंह तोमर (वर्गाधिकारी) की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम को विशेष वैचारिक ऊँचाई प्रदान की। यह नौ दिवसीय प्रबोधन वर्ग 1 जनवरी से प्रारंभ होकर 9 जनवरी तक संचालित होगा।
उद्घाटन सत्र में जितेन्द्र प्रताप सिंह ने स्वागत उद्बोधन प्रस्तुत करते हुए पूर्व क्षेत्र की विविध संगठनात्मक एवं वैचारिक गतिविधियों पर प्रकाश डाला तथा संस्कृतभारती के माध्यम से समाज में संस्कृत चेतना के विस्तार की आवश्यकता को रेखांकित किया। इसके उपरांत मुख्य अतिथि श्री स्वांतरंजन के प्रेरक बौद्धिक संबोधन से संपूर्ण सभा वैचारिक रूप से अभिसिंचित हो उठी। उन्होंने संस्कृत भाषा के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं राष्ट्रीय महत्व पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि संस्कृत केवल एक भाषा नहीं, अपितु भारतीय जीवन-दृष्टि, चिंतन-परंपरा और संस्कारों की आधारशिला है। उन्होंने शिक्षणार्थियों को यह भी बोध कराया कि वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में संस्कृत भाषा का पुनरुत्थान राष्ट्र निर्माण की दिशा में एक अनिवार्य आवश्यकता बन चुका है।


अपने उद्बोधन में श्री स्वांतरंजन ने यह विशेष रूप से रेखांकित किया कि अखण्ड भारत की संकल्पना केवल भौगोलिक नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और वैचारिक एकात्मता से ही साकार हो सकती है, और इस एकात्मता का मूल संस्कृत साहित्य एवं संस्कारों में निहित है। उन्होंने कहा कि संस्कृत भाषा में न केवल शब्द हैं, बल्कि वह जीवन को संतुलित, मर्यादित और उदात्त बनाने की क्षमता रखती है। इस दृष्टि से संस्कृतभारती द्वारा आयोजित यह प्रबोधन वर्ग समय की मांग के अनुरूप एक सशक्त वैचारिक अभियान है।
संस्कृतभारती, पूर्व क्षेत्र के संगठन मंत्री श्री प्रमोद पंडित ने इस अवसर पर काशी, गोरक्ष, अवध एवं कर्णपुर प्रांतों के क्रमबद्ध एवं सुव्यवस्थित सहभाग से आयोजित इस भाषा-शिक्षण एवं प्रशिक्षण शिविर के लिए सभी आयोजकों, प्रशिक्षकों एवं शिक्षणार्थियों के प्रति साधुवाद ज्ञापित किया। वहीं डॉ. श्यामलेष एवं प्रांत मंत्री अनिल कुमार ने वर्ग आयोजन में महत्वपूर्ण दायित्वों का निर्वहन करते हुए प्रशिक्षणार्थियों की सक्रिय सहभागिता से इस आयोजन को सफल बनाने में सराहनीय योगदान दिया।
अंततः यह कहना समीचीन होगा कि संस्कृत भाषा केवल संवाद का माध्यम नहीं, अपितु मानव जीवन के परिष्कार का शाश्वत साधन है। संस्कृत का अध्ययन व्यक्ति के चिंतन को सूक्ष्म, वाणी को शुद्ध और आचरण को संस्कारित करता है। यही कारण है कि संस्कृत से जुड़ने वाला साधक केवल भाषाज्ञ नहीं बनता, बल्कि जीवन-मूल्यों से समृद्ध एक जागरूक नागरिक के रूप में राष्ट्र और समाज के लिए प्रेरणास्रोत बनता है। इस प्रकार का प्रबोधन वर्ग न केवल भाषा-प्रशिक्षण है, बल्कि चेतना-जागरण का वह यज्ञ है, जिसमें सहभागी होकर प्रत्येक शिक्षणार्थी वैचारिक रूप से मंत्रमुग्ध और आत्मिक रूप से परिष्कृत होता है।

फोटो गैलरी

टिप्पणियाँ

अभी कोई टिप्पणी नहीं। पहले टिप्पणी करें!