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अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस: राष्ट्रीय सनातन महासंघ ने किया नारी शक्ति का सम्मान

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अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस: राष्ट्रीय सनातन महासंघ ने किया नारी शक्ति का सम्मान

जितेंद्र प्रताप सिंह बोले – नारी सम्मान ही धर्म का सम्मान

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर सनातन धर्म में नारी की महत्ता पर बल

दैनिक इंडिया न्यूज़ ,लखनऊ। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय सनातन महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष जितेंद्र प्रताप सिंह ने नारी शक्ति को शुभकामनाएं अर्पित करते हुए नारी सम्मान को सनातन धर्म का अभिन्न अंग बताया। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में नारी को सदैव ‘शक्ति’ और ‘माँ’ के रूप में सम्मानित किया गया है। इस पावन अवसर पर महासंघ द्वारा आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में उन्होंने राजनीति, समाज और धर्म में महिलाओं की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि "जहाँ नारी की पूजा होती है, वहाँ देवता निवास करते हैं।"

सनातन धर्म में नारी की महत्ता

अपने संबोधन में जितेंद्र प्रताप सिंह ने वेदों और शास्त्रों के उदाहरण देते हुए कहा कि "यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवताः" – जहाँ नारी का सम्मान होता है, वहाँ देवताओं का वास होता है। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म में नारी को केवल गृहस्थ जीवन तक सीमित नहीं रखा गया, बल्कि उन्हें शिक्षा, राजनीति, प्रशासन और आध्यात्मिक क्षेत्र में महत्वपूर्ण स्थान दिया गया। गार्गी, मैत्रेयी, अपाला, लोपामुद्रा जैसी विदुषियों ने समाज को नई दिशा दी और आधुनिक युग में भी महिलाएं राष्ट्रनिर्माण में अग्रणी भूमिका निभा रही हैं।

राजनीति और धर्म में नारी शक्ति का योगदान

राष्ट्रीय सनातन महासंघ ने महिला दिवस पर उन नारी शक्तियों को विशेष सम्मान दिया, जिन्होंने राजनीति और धर्म के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया है। जितेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि भारतीय राजनीति में महिलाओं ने निर्णायक भूमिका निभाई है। रानी लक्ष्मीबाई से लेकर आज की सफल महिला नेतृत्व तक, हर युग में नारी शक्ति ने अपनी दृढ़ता और साहस से समाज को प्रेरित किया है। उन्होंने यह भी कहा कि नारी शक्ति को सशक्त बनाने के लिए उन्हें उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना आवश्यक है।

महिला सशक्तिकरण और सनातन संस्कृति

महासंघ ने इस अवसर पर नारी सशक्तिकरण से जुड़े विभिन्न अभियानों पर भी चर्चा की। जितेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि महिला सशक्तिकरण का असली अर्थ केवल आर्थिक या सामाजिक स्वतंत्रता नहीं, बल्कि आध्यात्मिक सशक्तिकरण भी है। उन्होंने कहा कि जिस समाज में नारी सुरक्षित और सशक्त होगी, वही समाज प्रगति कर सकता है।

नारी सम्मान से ही राष्ट्र निर्माण संभव

राष्ट्रीय सनातन महासंघ ने इस अवसर पर एक संकल्प लिया कि नारी सम्मान और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। जितेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि जब तक समाज में महिलाओं को बराबरी का स्थान नहीं मिलेगा, तब तक राष्ट्र सशक्त नहीं हो सकता। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि महिला दिवस केवल एक दिवस तक सीमित न रहे, बल्कि नारी सम्मान को अपने आचरण में उतारें।

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर महासंघ द्वारा नारी सशक्तिकरण के समर्थन में विभिन्न योजनाओं और अभियानों की घोषणा की गई, जिनका उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना और उनके अधिकारों की रक्षा करना है। जितेंद्र प्रताप सिंह ने अंत में कहा, "नारी ही शक्ति है, नारी ही सृजन का आधार है। उसके बिना समाज की कल्पना असंभव है। आइए, हम सब मिलकर नारी सम्मान को धर्म का आधार बनाएं और उनके उत्थान में योगदान दें।"

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