दैनिक इन्डिया न्यूज मऊ । जिला मजिस्ट्रेट अरुण कुमार ने बैंकों से ऋण लेने के उपरांत ऋण अदायगी ना करने पर 4 लोगों की बंधक अचल संपत्तियों को सरफेसी एक्ट-2002 के अंतर्गत संबंधित बैंकों को हस्तांतरित करने के आदेश जारी किए।जिन 4 लोगों की बंधक अचल संपत्तियों को हस्तांतरित करने के आदेश जिला मजिस्ट्रेट द्वारा जारी किए गए,उनमें
मैसर्स सुनील राइस मिल के मालिक सुनील कुमार सिंह पुत्र अवधेश कुमार सिंह एवं अवधेश कुमार सिंह पुत्र स्वर्गीय रघुवीर सिंह निवासी गण मौजा कहिनौर निकट वनदेवी, थाना सराय लखंसी तहसील सदर जनपद मऊ, मैसर्स दीप इंटरप्राइजेज कोल डिपॉट एंड सप्लायर्स प्रोपराइटर श्रीमती मंजू शर्मा पत्नी अरविंद शर्मा, श्रीमती रीता देवी पत्नी जनार्दन प्रसाद एवं श्री अरविंद शर्मा पुत्र रामानंद शर्मा निवासीगण मौजा अतरारी तहसील मोहम्मदाबाद गोहना जनपद मऊ, मेसर्स मद्धेशिया ट्रेडर्स प्रोपराइटर श्री बाबूलाल गुप्ता पुत्र देवीदीन गुप्ता तथा दिवाकर सिंह पुत्र हवलदार सिंह निवासीगण मौजा पीउवाताल पोस्ट बोझी तहसील घोसी जनपद मऊ एवं श्रीमती आशा देवी पत्नी कन्हैया लाल यादव, श्री राम नरेश यादव पुत्र शिवबरत यादव, श्री कन्हैया लाल यादव पुत्र रामनरेश यादव, श्री अशोक यादव पुत्र राम अवतार यादव ग्राम व पोस्ट मोहिउद्दीनपुर फत्तेपुर तहसील मधुबन जनपद मऊ शामिल हैं। इन सभी ऋण प्राप्त कर्ताओं ने अपने आवासीय जमीनों एवं मकानों को बंधक रखकर संबंधित बैंकों से ऋण प्राप्त किए थे, परंतु इनके द्वारा बैंकों को ऋण अदायगी की कार्यवाही नहीं की जा रही थी।
ऋण प्रदाता बैंकों के प्राधिकृत अधिकारियों द्वारा ऋण अदायगी ना होने पर वित्तीय आस्तियों का प्रतिभूति करण और पुनर्गठन तथा प्रतिभूति हित का प्रवर्तन अधिनियम(सरफेसी एक्ट)2002 की धारा 14 (1 व 2) के तहत जिला मजिस्ट्रेट न्यायालय में वाद दायर किया गया था, जिसकी सुनवाई करते हुए जिला मजिस्ट्रेट श्री अरुण कुमार ने उक्त अधिनियम की धारा 14 में प्रदत्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए इन सभी मामलों में बैंकों द्वारा सारी विधिक प्रक्रिया अपनाने के बावजूद भी ऋण अदायगी नहीं करने पर ऋण प्राप्ति के दौरान बंधक रखी गई समस्त अचल संपत्तियों को नियमानुसार कब्जे में लेते हुए संपत्ति का कब्जा संबंधित बैंकों को सुपुर्द करने के निर्देश संबंधित उप जिला मजिस्ट्रेटों एवं पुलिस अधीक्षक मऊ को दिए।
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बैंक ऋण जमा न करने पर 4 लोगों की बंधक अचल संपत्तियों को जिला मजिस्ट्रेट ने सरफेसी एक्ट के तहत संबंधित बैंकों को हस्तांतरित करने का आदेश किया जारी
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