जलमग्न बस्तियों में नाव से घर-घर पहुंच रही मदद, रक्षा मंत्री ने सीधे प्रभावित परिवार से संवाद कर जानी जरूरतें; प्रशासन को राहत कार्यों में किसी भी स्तर पर कमी न रहने देने को कहा

दैनिक इंडिया न्यूज़, नई दिल्ली। बाढ़ की चुनौती के बीच किसी प्रभावित परिवार के लिए यह भरोसा भी बड़ी राहत बन जाता है कि उसकी पीड़ा दूर बैठे जिम्मेदार लोगों तक पहुंच रही है। लखनऊ में बाढ़ प्रभावित निवासी राजमणि तिवारी से वीडियो कॉल पर बातचीत के दौरान रक्षा मंत्री एवं लखनऊ के सांसद राजनाथ सिंह ने क्षेत्र के हालात जाने, परिवार की कठिनाइयों के बारे में पूछा और यह जानकारी ली कि भोजन, पेयजल तथा आवश्यक राहत सामग्री उन तक पहुंच रही है या नहीं। उनकी इस पहल का केंद्र प्रभावित नागरिकों की वास्तविक जरूरतों को समझना और यह सुनिश्चित करना रहा कि संकट की घड़ी में सहायता पहुंचाने की व्यवस्था में कोई कमी न रह जाए। उन्होंने अधिकारियों को राहत कार्यों में तेजी लाने और जरूरतमंद परिवारों तक हरसंभव मदद पहुंचाने के निर्देश दिए।

यह संवाद उस समय हुआ, जब भार्गव कॉलोनी और गणेश विहार कॉलोनी में बाढ़ प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री पहुंचाने के लिए भाजपा की टीमें जुटी थीं। इसी दौरान रक्षा मंत्री के विशेष कार्याधिकारी के.पी. सिंह के मोबाइल पर राजनाथ सिंह की वीडियो कॉल आई। उन्होंने मौके पर मौजूद कार्यकर्ताओं से प्रभावित क्षेत्र की स्थिति दिखाने और वहां के हालात की जानकारी देने को कहा। इस प्रत्यक्ष संवाद ने राहत अभियान की जमीनी तस्वीर उनके सामने रखी—कहां पानी का दबाव है, लोगों को किन कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है और सहायता पहुंचाने में किन चुनौतियों से जूझना पड़ रहा है। उन्होंने जिला प्रशासन के अधिकारियों, एडीएम सिटी और एसडीएम सदर से भी बातचीत कर राहत एवं बचाव कार्यों की प्रगति जानी और प्रभावित परिवारों की आवश्यकताओं को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।
बाढ़ से घिरी बस्तियों में राहत पहुंचाना केवल सामग्री वितरित करने का काम नहीं, बल्कि उन घरों तक पहुंचने की चुनौती भी है, जहां पानी ने सामान्य आवागमन बाधित कर दिया है। इसी कठिनाई को देखते हुए राहत दल नावों के माध्यम से घर-घर पहुंचकर भोजन के पैकेट, पेयजल और दैनिक उपयोग की आवश्यक वस्तुएं उपलब्ध करा रहे हैं। प्रयास है कि जलभराव के कारण कोई परिवार सहायता से वंचित न रहे और जरूरतमंदों को राहत के लिए असहाय होकर इंतजार न करना पड़े। ऐसे समय में प्रशासनिक तत्परता, स्थानीय कार्यकर्ताओं की सक्रियता और प्रभावित लोगों की जरूरतों के प्रति संवेदनशीलता—तीनों का समन्वय राहत अभियान की अहम कड़ी बन गया है।

इस अभियान में उत्तर विधानसभा क्षेत्र के विधायक डॉ. नीरज बोरा, विधान परिषद सदस्य मुकेश शर्मा, रक्षा मंत्री के विशेष कार्याधिकारी के.पी. सिंह, जनसंपर्क अधिकारी डॉ. राघवेंद्र शुक्ला, पुष्कर शुक्ला सहित भाजपा पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता सक्रिय हैं। राजनाथ सिंह संबंधित अधिकारियों से लगातार संपर्क कर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति की जानकारी ले रहे हैं। उनके निर्देशों के अनुरूप प्रशासन और राहत दलों के बीच समन्वय बनाकर प्रभावित परिवारों तक सहायता पहुंचाने का प्रयास जारी है। इस पूरे अभियान की सार्थकता इसी में है कि राहत केवल सूची और आंकड़ों तक सीमित न रहे, बल्कि उस परिवार के दरवाजे तक पहुंचे जिसे इस समय भोजन, स्वच्छ पेयजल और भरोसे—तीनों की जरूरत है।