कानपुर में गंगा बैराज के समीप प्रशिक्षण विमान दुर्घटनाग्रस्त; गुजरात के पायलट सचिन भाटिया और कर्नाटक के ट्रेनी पायलट अभिषेक पुजारी की मौत, हादसे की जांच शुरू
दैनिक इंडिया न्यूज़, नई दिल्ली।कानपुर में गुरुवार को एक प्रशिक्षण विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने से पायलट और ट्रेनी पायलट की मौत हो गई। हादसा गंगा बैराज के समीप नत्थापुरवा गांव के पास हुआ, जहां उड़ान के दौरान विमान अचानक असंतुलित होकर नीचे आ गिरा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार विमान जमीन से लगभग 100 फीट की ऊंचाई पर था और संतुलन बिगड़ने के बाद पेड़ों से टकराता हुआ नीचे जा गिरा। इसके बाद तेज धमाके से आसपास का क्षेत्र दहल उठा और कुछ ही देर में घटनास्थल पर स्थानीय लोगों की भीड़ जमा हो गई।
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं और दुर्घटनास्थल की घेराबंदी कर राहत एवं जांच की कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने मलबे के समीप गंभीर रूप से घायल अवस्था में मिले गुजरात निवासी पायलट सचिन भाटिया और कर्नाटक निवासी ट्रेनी पायलट अभिषेक पुजारी को अस्पताल पहुंचाया, लेकिन चिकित्सकों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। इस दुर्घटना ने प्रशिक्षण उड़ानों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
कानपुर नगर के पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल के अनुसार, टेक्नम कंपनी के चार सीटों वाले विमान ने चकेरी स्थित गर्ग एविएशन ट्रेनिंग सेंटर से लगभग 11:30 बजे उड़ान भरी थी। करीब 20 मिनट बाद विमान लगभग 39 किलोमीटर दूर नत्थापुरवा गांव के समीप दुर्घटनाग्रस्त हो गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार विमान का संचालन कर रहे पायलट के पास करीब 3,000 घंटे के उड़ान अनुभव की बात सामने आई है।
दुर्घटना के बाद सामने आए कुछ वीडियो में विमान के मलबे में तब्दील होने के दृश्य दिखाई दे रहे हैं। घटनास्थल पर विमान का क्षतिग्रस्त कॉकपिट, बिखरा मलबा और अलग होकर गिरी एक सीट भी नजर आई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार टक्कर इतनी तीव्र थी कि विमान के हिस्से आसपास के क्षेत्र में बिखर गए। हालांकि दुर्घटना के वास्तविक कारणों को लेकर अभी कोई अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है।
पुलिस और प्रशासन ने घटनास्थल से संबंधित साक्ष्यों को सुरक्षित करने की कार्रवाई शुरू कर दी है। विमान के तकनीकी पक्ष, उड़ान से पहले की स्थिति, मौसम, पायलट की गतिविधियों और दुर्घटना से ठीक पहले विमान के संचालन से जुड़े तथ्यों की जांच महत्वपूर्ण मानी जा रही है। हादसे की सूचना नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) को भी दे दी गई है और नियामकीय स्तर पर जांच की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
अब जांच का केंद्र यह पता लगाना होगा कि उड़ान के दौरान विमान अचानक असंतुलित क्यों हुआ और लगभग 100 फीट की ऊंचाई से नीचे गिरने से पहले उसमें क्या तकनीकी या परिचालन समस्या उत्पन्न हुई थी। दुर्घटना के कारणों पर अंतिम तस्वीर विस्तृत जांच और तकनीकी परीक्षण के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।